Effective Home remedies that actually work without any side effect



घरेलू उपचार जो बिना साइड इफ़ेक्ट के वास्तव में प्रभावी हैं।

घरेलू उपचार अक्सर चिकित्सकों द्वारा किये गए उपचार से अधिक काम करते हैं। उनमें से अधिकांश के पीछे वास्तव में वैज्ञानिक एवं प्रमाणित आधार है। कभी कभी वे अपने पारंपरिक चिकित्सा समकक्षों(alopathy, होमियोपैथी,आयुर्वेद इत्यादि)  की तुलना में बेहतर परिणाम देते हैं। घरेलू उपचार शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक इस्तेमाल, अधिक लोकप्रिय और प्रभावी रूप में उपयोग में लाए जा रहे हैं । नीचे ऐसे ही कुछ घरेलू उपचारों  का विवरण दिया गया है जो वास्तव में प्रभावी साबित हो रहे हैं-
 
Effective Home remedies
Effective Home remedies

1.      सिरके(व Vinegar) से छल्ली(उपत्वचा क्यूटिकल) के संक्रमण का इलाज




सिरका जीवाणुरोधी गुणों से युक्त रसायन है और छल्ली(उपत्वचा क्यूटिकल) के संक्रमण को खत्म करने में सक्षम है । प्रभावित क्षेत्र पर गर्म पानी के साथ सफेद शराब तथा सिरका मिला कर दिन में तीन बार लगाएं ।


2.रूसी खत्म करने के लिए अपने शैम्पू में चिरायता एसिड(salicylic acid) मिलाए



अगर आप सोच रहे हैं कि चिरायता एसिड कहाँ से मिलेगा तो इसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। लोकप्रिय alopathic टैबलेट एस्पिरिन में पर्याप्त चिरायता एसिड होता है। बस कुछ aspirins को पीस कर पाउडर बनालें और अपने शैम्पू में इस पाउडर का 1 चम्मच मिला दें। अच्छी तरह से हिलाएँ और 5- 10 मिनटके बाद इस का उपयोग करें।


3. अदरक मतली(nausea) में  बहुत लाभदायक है



अदरक ताजा या सूखी(सौंठ) पेट की गैस रिलीज करके पेट खाली करने में प्रभावी असर करती है। पेट की गैस के उपचार के लिए ताजा अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा लेकर धीरे धीरे देर तक चूसते रहें। अदरक(जिंजर) की शराब(ginger ale) या अदरक की चाय की चुस्कियां लें या वास्तविक अदरक मिलाकर बनाई गई कुछ कैंडीज धीरे-धीरे खाये।


4. बेकिंग सोडा से एक्जिमा का उपचार ।



एक टेबल स्पून(About 30 grams) बेकिंग सोडा गर्म पानी में मिलाएं और प्रभावित हिस्से को इस मिश्रण में 15 मिनट के लिए डुबो कर रखे तथा  15 मिनट के बाद साफ मुलायम कपड़े से प्रभावित हिस्से को पोंछ दें तथा यह प्रक्रिया हर दूसरे दिन दोहराएँ।



5. गले की खराश(Sore throat) में उपयोगी ऋषि चाय ।



ऋषि(बाबा) (Seesti या Salbia-Sefakuss या Sefakuss) औषधीय गुणों वाला एक पेड़ है। 15% ऋषि युक्त एक स्प्रे आधुनिक दवा की तुलना में, सिर्फ 2 घंटे के भीतर महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है । ऋषि tea तैयार करने के लिए - ताजा ऋषि के 2 बड़े चम्मच या 1 चम्मच सूखे पाउडर पर उबलते पानी का 1 कप डालें । इसे 10 - 15 मिनट के लिए ढंक कर रख दें फिर प्रयोग करें।


6. बदबूदार पैर (stinky feet) का शराब रगड़ कर समाधान।



एक साफ सूती कपडा लें और इसे शराब (या spirit) में भिगोकर गीला कर ले और सुबह अपने पैरों के तलवों पर इसे रगड़ें और फिर नमी को कम करने  के लिए एक साफ कपड़े से पोंछ दें इससे आपके पैरों के तलवों की गंध पूरे दिन नहीं आएगी ।


7. एथलीट फुट(कवक संक्रमण अथवा फफूंद संक्रमण) में बहुत प्रभावी है लहसु



ajoene, नामक एक बहुत असरदार फफूंद संक्रमण रोधी यौगिक लहसुन में  प्रचुर मात्रा में पाया गया है, जो एथलीट फुट के लक्षणों को प्रभावी ढंग से कम करने में सक्षम हैं। लहसुन की कुछ कलियाँ अच्छी तरह पीसलें तथा इसमें जैतून का तेल मिलाकर मिश्रण तैयार करें और प्रभावित क्षेत्र पर साफ रूई  से एक दिन में कई बार धीरे धीरे लगाएं जब तक संक्रमण गायब नहीं हो जाता।


8. सिरका से  कान की बाहरी श्रवण नलिका के बैक्टीरिया दूर करना



बहुधा कान में पानी जाने की वजह से कान की बाहरी श्रवण नलिका में बैक्टीरिया पैदा हो जाता है तथा सिरका अपनी अम्लीय पृकृति के कारण, कान की बाहरी श्रवण नलिका के इन बैक्टीरिया को मार सकता है। बस सफेद सिरका में बराबर मात्रा में कीटाणु मुक्त पानी मिला कर पतला कर लें तथा एक eyedropper से प्रभावित कान में 3-5 बूंदें एक दिन में 3 बार डालें।


9. मुलैठी की जड़ और पुदीना अपच ठीक कर सकते हैं



अपच की स्थिति में मुलैठी की जड़ और पुदीना के पत्तों(बराबर मात्रा में) से एक असरदार हर्बल  मिश्रण तैयार किया जा सकता है । मुलैठी के प्रभाव से शरीर में बलगम का उत्पादन बढ़ जाता है, और पुदीना भोजन-नलिका तंत्र को आराम देने का कार्य करता है। मुलैठी की जड़ और पुदीना युक्त कैंडी या चाय के रूप में,दोनों ही सामान रूप से इसी तरह की राहत प्रदान कर सकते हैं।


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13 comments:

  1. Extremely useful tips, thanks a lot of for sharing Mr. Anurag Choudhary.

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  2. Yes you are right Mr. Anurag Choudhary. All the ayurvedic medicines are herbal and these work without any type of side effect.

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    1. Thanks Mr. Tarachandji for this nice comment.

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    2. This comment has been removed by the author.

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  3. The ayurvedic medicines and compositions are always better because they sre slways free of sny side effect.

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  4. Great information. If we follow home remedies and the dadi ma ke nushkhe we can save ourselvef from a number of the dreadful diseases

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  5. Yes these really work as claimed. I have personally tried some of these.

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    1. Thanks for the nice comment Shalini Didi

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